You are currently viewing डिजिटल करेंसी और उसके उपयोग | Digital currency and its uses in Hindi
Digital Currency

डिजिटल करेंसी और उसके उपयोग | Digital currency and its uses in Hindi

Spread the love
5/5 - (2 votes)

नमस्कार दोस्तों ! आज हम डिजिटल करेंसी (Digital currency) के बारे में जानेंगे , ये कैसे काम करती है, इसका काम क्या है, ये आने वाले समाये में कैसे उपयोग आएगी आदि। डिजिटल करेंसी के बहुत सारी विविधता है इसमें से जो सबसे प्रचलित है उसका नाम है- क्रिप्टो करेंसी ( Cryptocurrency)। आज यहा  हम क्रप्टो करेंसी के बारे में विस्तार से जानेंगे 

इसके अंदर और भी विविधता है जैसे बिटकॉइन ( Bitcoin) , एथेरियम , रिपल आदि। आपसे निवेदन है की ब्लॉग को आखिरी तक पढ़े ताकि पूरी जानकारी प्राप्त हो आपको। तो चलिए शुरू करते है। 

डिजिटल करेंसी
डिजिटल करेंसी

Table of content

  1. डिजिटल करेंसी क्या होती है ? 

        1.1 लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी

      1.2 क्रिप्टो करेंसी के लाभ 

            1.3 क्रिप्टो करेंसी का महत्त्व 

                1.4 क्रिप्टो करेंसी के दुष्परिणाम 

  1.  क्रिप्टो करेंसी की निवेश प्रक्रिया 

    3.   क्रिप्टो करेंसी का उपयोग 

डिजिटल करेंसी क्या होती है ? ( Digital currency )

डिजिटल मुद्रा ( Digital currency) यानि क्रिप्टो करेंसी, क्रिप्टो शब्द एक क्रिप्टोग्राफी से बना है जिसका तात्पर्य होता है छुपा हुआ , करेंसी शब्द का अर्थ है रुपया। यह एक प्रकार की डिजिटल करेंसी है जिसे व्यक्ति अपने हाथो से छू नहीं सकता। क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल करेंसी है जिसे डिसेंट्रलाइस सिस्टम ( Decentralised system) द्वारा मैनेज किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी ( Blockchain technology) पे आधारित है। वास्तव में क्रिप्टो करेंसी peer to peer कैश प्रणाली, जो कंप्यूटर एल्गॉरिथम ( Computer algorithm)पर  बानी है।

सबसे पहले दुनिया में क्रिप्टोकोर्रेंसी बिटकॉइन के रूप में आयी थी। इसका पूरा कारोबार ऑनलाइन के माध्यम से होता है घर बैठे। देश के किसी भी कोने से हम इस करेंसी का लेन – देन कर सकते है। इसका कोई माध्यम नहीं होता इसे ऑनलाइन नेटवर्क के द्वारा संचालित किया जाता है इसीलिए इसे अनियमित बाजार से जाना जाता है, ये पल भर में किसी को भी अमीर और गरीब बना सकती है। देश में इसका प्रचलन बढ़ते जा रहा है। अधिक जानकारी के ये आर्टिकल पढ़ सकते है https://dailybodh.com/finance/what-is-cryptocurrency-2/

लोकप्रिय क्रिप्टो डिजिटल करेंसी 

वर्तमान में दुनिया की सबसे ज़्यादा लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी ,बिटकॉइन है। इसके बाद जो अगली लोकप्रिय है, एथेरियम। अगर बलि क्रिप्टो करेंसी की बात करे तो उनमे अति ही – टेथर (Tether), यु.एस.डी. कॉइन ( USD coin) , बिनान्स कॉइन ( Binance coin) , बिनान्स यु.एस.डी. ( Binance USD) ,लाइटक्वाइन, कारदनो (Cardano ADA) , सोलाना ( Solana SOL) अदि। शुरुआत दौर में बिटकॉइन का काफी प्रचलन था पर समाये के आड़े बढ़ते ही बाकि कर्रेंसीस भी प्रचलित होगयी।  लोगो ने क्रिप्टो करेंसी को अपना कारोबार बना लिया है।

BITCOIN (BTC)– बिटकॉइन जनि मानी क्रिप्टो डिजिटल करेंसी है जो २००९ में सतोशी नाकामोतो ने बनाया था। ये दुनिया की पहेली ऐसी करेंसी है जो सफल हुई है , इससे पहले भी बहुत डिजिटल मुद्रा आई  पर कोई भी सफल नहीं हुई। काफी समाये बाद बिटकॉइन इतनी फेमस और महंगी करेंसी बन गयी।  

Price: $19,280

Market cap: $368 billion

ETHEREUM (ETH) – ये है डिसेंट्रलाइस ओपन सोर्स ब्लॉक चैन है। जो कॉइन मार्किट कैप के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी है। इसे २००५ में लांच किया गया था।  इसे ईथर के नाम से भी जाना जाता है। 

Price: $1,044

Market cap: $127 billion

RIPPLE (XRP) – रिप्पल एक रियल  टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (Real time gross settlement system) और ब्लॉकचैन नेटवर्क (blockchain network) है। इसे २०१२ में अमेरिकन कंपनी द्वारा बनाया गया था। ये क्रिप्टो करेंसी के साथ ही साथ क्रिप्टो एक्सचेंज (cryptocurrency exchange)भी है।

TETHER (USDT) – टेथर की शुरुआत २०१४ जुलाई, real coin के नाम से हुई थी लेकिन फिर इसे २०१४ में बदल कर tether करदिया गया। स्टेबल कॉइन ( Stable coin) भी कहा जाता है इसे, इसकी वैल्यू १.०० डॉलर मूल्य के लिए डिज़ाइन किया गया है।  

Price: $1.00

Market cap: $66 billion

DOGECOIN (Doge) –  इसके फाउंडर का नाम है Billy Markus. आज Dogecoin की मार्किट वैल्यू  है $197 million से भी ज्यादा और इसे पुरे विश्व में 200 मर्चेंट्स से भी ज्यादा में एक्सेप्ट  किया जाता है. इसमें भी Mining दूसरों के मुकाबले बहुत जल्दी होती है.

डिजिटल करेंसी
digital currency

क्रिप्टो करेंसी के लाभ ( Advantage of cryptocurrency)

अब जानेंगे की इसके लाभ क्या है।  इसमें कोई ब्रोकर नहीं होता , इसके लेन – देन के लिए किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की आवश्यकता नहीं होती है, इसके लिए कई सारे डिजिटल वॉलेट (digital wallet) उपलब्ध है। इसमें फ्रॉड की सम्भावना बहुत कम होती है।हैकर्स का इस नेटवर्क के साथ छेड़छाड़ करना अत्यधिक कठिन है , इसकी सबसे बड़ी खूबी ये है की ये गोपनीय है , जब तक ज़रूरी  न हो तब तक इसमें जानकारियों को गोपनीय रख सकते है।

क्रिप्टो करेंसी , इंवेस्टमेंट (investment) के लिए एक अच्छा जरिया है , इसमें उपलब्धि काफी तेज़ी से होती है। इसमें जुड़ने के लिए किसी भी प्रकार के पहचान पत्र की आवशयकता नहीं होती। ये एक सिक्योर करेंसी (secure currency) है।    

क्रिप्टो करेंसी का महत्त्व (Importance)

ब्लॉकचेन प्रणाली पर आधारित होने के कारण इसमें धन के प्रवाह तथा लेन-देन आदि के विवरणों को ट्रैक करके भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता है।

यह प्रक्रिया पूर्ण रूप से इंटरनेट पर आधारित है (डिसेंट्रलाइस सिस्टम –  इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है)तथा इसी के द्वारा संचालित भी होती है, जिसके कारण इसे पूरा होने में नाम मात्र का समय लगता है।

लगभग $100 ट्रिलियन की वैश्विक अर्थव्यवस्था का 3% हिस्सा पेमेंट गेटवे, क्रेडिट कार्ड और बैंक जैसे बिचौलियों के जेब में चला जाता है, इस क्षेत्र में ब्लॉकचेन के इस्तेमाल से सैकड़ों अरब डॉलर की बचत की जा सकती है। 

क्रिप्टो डिजिटल करेंसी के दुष्परिणाम (Drawbacks)

अब आप मन ही मन सोच रहे होंगे की किसी चीज़ की इतनी अछइया कैसे हो सकती ही , तो अब आपको इसके नुक्सान भी बतायंगे।  हर चीज़ के दो पहलू होते है। आइये जानते है इसके नुक़साम के बारे में -अभी तक किसी भी देश या केंद्रीय बैंक ने क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं दिया है। जिसके कारण इसमें मूल्य अस्थिरता का डर हमेंशा बना रहता है यानि इसकी कीमत को कोई कंट्रोल नहीं कर सकता इसीलिए इसकी कीमत अप्रत्याशित रूप से बढ़ती और घटती रहते है।


डिजिटल करेंसी ,इसकी गोपनीयता आतंकवाद या अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। इसे हैक किया जा सकता है कठिन है परन्तु संभव है। यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि सरकार की मौद्रिक नीतियों का इसपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।लाखें कम्प्यूटरों के उपयोग के कारण इसको अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसका उपयोग गैर कानून तरीके से किया जा सकता है जैसे अवैध रूप से औज़ार खरीदना और क्रिप्टो की मदद से पेमेंट करदेना। 

डिजिटल करेंसी
bitcoin

क्रिप्टो डिजिटल करेंसी की निवेश प्रक्रिया

इसमें निवेश करने क तरीका निम्नलिखित -सबसे पहले किसी फर्म में ब्रोकरेज खाता खोलना होता है, जो आपको क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की अनुमति प्रदान करता हो।इसके पश्चात आपको अपने बैंक खाते से धन को ब्रोकरेज खाते में जमा करना होता है।अब ब्रोकरेज खाते के धन का इस्तेमाल करके आप क्रिप्टोकरेंसी खरीद सकते हैं।क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के बाद आप किसी भी दिन उसको लाभ या हानि पर बेच सकते हैंक्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाना उतना आसान नहीं होता, जितना की बैंकों का आनलाइन ट्रान्जंक्शन। क्रिप्टो डिजिटल करेंसी में आप पैसा बड़ी आसानी से इनवेस्ट कर सकते हैं, क्योंकि वर्तमान समय में इस प्रक्रिया के लिए अनेक ऐप मौजूद है। जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-

wazirx

unocoin

coindcx

http://coinswitchkuber, इत्यादि

क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने से पहले ये बाते समझले –

क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित श्वेत पत्र को भलि – भाँति पढ़ना चाहिए।क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित टीम का ट्रैक रिकॉर्ड चेक करना चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं तो आप को नुकसान के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।व्यापारिक सिक्कों की मात्रा एवं तरलता महत्वपूर्ण है।सोशल मीडिया की गतिविधियां कुछ अच्छी जानकारियां प्रदान कर सकती है। सबसे खास बात यह है कि खरीदारी के ये सभी क्रिप्टो एक्सचेंज चौबीसों घंटे खुले रहते हैं।

इनके जरिए क्रिप्टो करेंसी को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया भी काफी आसान है। रुपये में क्रिप्टो ट्रेडिंग और निवेश करने के लिए आपको किसी एक एक्सचेंज पर पंजीकरण करना होता है। इसके लिए एक्सचेंज की साइट पर साइनअप करने के बाद अपनी केवायसी प्रक्रिया को पूरा कर  वॉलेट में पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं और फिर इन डिजिटल मुद्राओं की खरीदारी की जा सकती है।

क्रिप्टो डिजिटल करेंसी का उपयोग

यह एक तरह का डिजिटल एसेट होता है जिसके इस्तेमाल से चीज़े खरीदी या सर्विस ले सकते है। जो भी लेन देन इसके द्वारा होता है उसे ब्लॉक चैन में दर्ज किया जाता है। और इस ब्लॉक की सिक्योरिटी और एन्क्रिप्शन का काम मिनर्स का होता है।  इसके लिए वह एक क्रिप्टोग्राफ़ी को हल करके ब्लॉक के लिए # (एक कोड ) ढूंढ़ते है।

जब कोई मिनेर हैश को ढूंढ क्र सुरक्षित कर देता है तो उसे ब्लॉक चैन में जोड़ दिया जाता है और नेटवर्क में मौजूद अन्य नोड्स (कम्प्यूटर ) द्वारा उसे वेरीफाई किया जाता है। इस पुरे प्रोसेस को कंसेंसस कहा जाता है। अगर कंसेंसस में ब्लॉक के होने की पुष्टि हो जाती है तो वह सही पाया जाता है।  तो उसे सिक्योर करने वाले माइनर  को क्रिप्टो कॉइनस दिए जाते है, रिवॉर्ड के तोर पर और इसे प्र्रोफ ऑफ़ वर्क कहा जाता है।

अधिक डिजिटल करेंसी जानकारी के ये आर्टिकल पढ़ सकते है https://hindime.net/cryptocurrency-kya-hai-hindi

उम्मीद है आपको ये ब्लॉग पढ़कर  काफी हद तक सारी चीज़े समझ आगयी होंगी , हमे कमेंट में ज़रूर बताना। 

Leave a Reply